हिंदी विश्व में भारतीय अस्मिता की पहचान है। हिंदी भारत की राजभाषा,राष्ट्रभाषा से आगे विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है।
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भाषा एवं कारोबार : राजभाषा संगोष्ठी सह कार्यशाला-14.08.2026
भाषा एवं कारोबार : राजभाषा संगोष्ठी सह कार्यशाला “हिंदी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि कारोबार संपर्क, विश्वास, आत्मीयता और प्रभावी ...
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आज महान देशभक्त, भारतरत्न, भूतपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की १२२ वीं जयंती है। भारत-पाक युद्ध में जय जवान! जय किसान! का उद्...
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महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वेबसाईट ‘हिंदी समय’ पर तेजी ईशा ने उन पुस्तकों की सूची प्रस्तुत की है जो महात्मा ग...
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सोशल मीडिया में दो चुटकुले अक्सर दिखते हैं - 1. भारत के भाषिक गुलाम और अंग्रेजी के अंध अनुचर हिंदी शब्दावली को कठिन कहकर इसे हास्य-व्यंग्य...

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