Sunday, November 16, 2025

शब्द विचार-दावानल

 


शब्द विचार 



दावानल के अर्थ से हम और आप परिचित हैं।  

संस्कृत/प्राकृत से आए शब्द रूप में “दाव” का अर्थ जंगल की सूखी लकड़ी, पत्ते या ज्वलनशील पदार्थ भी होता है — यही अर्थ “दावानल” (दाव + अनल = जंगल का अग्नि-पदार्थ + आग) शब्द बनाता है।

यानी दाव = जंगल का ईंधन / सूखी वन-सामग्री।

इस प्रकार,  ‘दावानल’ अर्थात् वन की आग जो बाँसों या और पेड़ों की दहनियों के एक दूसरे से रगड़ खाने से उत्पन्न होती है और दूर तक फैलती चली जाती है , दनाग्नि -जंगल /वन की  आग । 

सरल शब्दों में, ‘दाव’ का अर्थ है जंगल और  ‘अनल’ का अर्थ है -आग । 

‘दाव’ का अर्थ है जंगल और  ‘अनल’ का अर्थ है -आग । 

#शब्द_विचार 

-✍️ डॉ• साकेत सहाय

#साकेत_विचार


No comments:

सुब्रह्मण्यम भारती जयंती-भारतीय भाषा दिवस

आज महान कवि सुब्रमण्यम भारती जी की जयंती है।  आज 'भारतीय भाषा दिवस'  भी है। सुब्रमण्यम भारती प्रसिद्ध हिंदी-तमिल कवि थे, जिन्हें महा...