‘युगवार्ता' के ताजा अंक में मेरा आलेख ‘ विभाजन की विभीषिका
#भारत_विभाजन
#साकेत_विचार
हिंदी विश्व में भारतीय अस्मिता की पहचान है। हिंदी भारत की राजभाषा,राष्ट्रभाषा से आगे विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है।
अमिताभ’ होने का अर्थ संघर्ष, साधना और कर्मनिष्ठा से जगमगाता एक विलक्षण व्यक्तित्व “यह बेहतर करने का उत्साह ही अमिताभ को ‘अमिताभ’ बनाता है।...
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