‘युगवार्ता' के ताजा अंक में मेरा आलेख ‘ विभाजन की विभीषिका
#भारत_विभाजन
#साकेत_विचार
हिंदी विश्व में भारतीय अस्मिता की पहचान है। हिंदी भारत की राजभाषा,राष्ट्रभाषा से आगे विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है।
संस्कृत, संस्कार, समाज और राज प्रस्तुत कथा मूलतः शक्ति, नेतृत्व, उकसावे और राजनीतिक बुद्धिमत्ता के बीच अंतर को रेखांकित करती है। इस कथा क...
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