सब कुछ पाने की होड़ ने मानव होने के धर्म को पीछे छोड़ दिया है । सबसे जरूरी है नैतिकवान होना।
हिंदी विश्व में भारतीय अस्मिता की पहचान है। हिंदी भारत की राजभाषा,राष्ट्रभाषा से आगे विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है।
Sunday, December 19, 2021
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