Friday, November 5, 2021

आदि गुरु शंकराचार्य और सांस्कृतिक एकता

भारतवर्ष को सांस्कृतिक एवं धार्मिक रूप से जागृत करने वाले आदि शंकराचार्य की केदारनाथ धाम स्थित समाधि पर मूर्ति का अनावरण । कभी इन चार धामों से तमाम भौगोलिक बाधाओं के बीच भारत की अद्भुत सांस्कृतिक, धार्मिक एवं भाषिक एकता का उद्घोष होता था। शायद इसी को देखते हुए कभी भाषाविद् एमनो ने कहा था-' पूरा भारत एक ही भाषिक परिवार का अंग हैं ।




धर्मो रक्षति रक्षितः।

 #साकेत_विचार

No comments:

संस्कृत, संस्कार, समाज और राज

 संस्कृत, संस्कार, समाज और राज  प्रस्तुत कथा मूलतः शक्ति, नेतृत्व, उकसावे और राजनीतिक बुद्धिमत्ता के बीच अंतर को रेखांकित करती है।  इस कथा क...