राष्ट्रीय पुस्तक न्यास(एनबीटी), भारत सरकार से प्रकाशित बहुप्रतिष्ठित पत्रिका "पुस्तक संस्कृति" के नवीन अंक में "शिक्षा में भाषा का प्रश्न" विषय पर मेरा शोध आलेख प्रकाशित हुआ है।
हिंदी विश्व में भारतीय अस्मिता की पहचान है। हिंदी भारत की राजभाषा,राष्ट्रभाषा से आगे विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है।
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संस्कृत, संस्कार, समाज और राज
संस्कृत, संस्कार, समाज और राज प्रस्तुत कथा मूलतः शक्ति, नेतृत्व, उकसावे और राजनीतिक बुद्धिमत्ता के बीच अंतर को रेखांकित करती है। इस कथा क...
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आज महान देशभक्त, भारतरत्न, भूतपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की १२२ वीं जयंती है। भारत-पाक युद्ध में जय जवान! जय किसान! का उद्...
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महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की वेबसाईट ‘हिंदी समय’ पर तेजी ईशा ने उन पुस्तकों की सूची प्रस्तुत की है जो महात्मा ग...
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सोशल मीडिया में दो चुटकुले अक्सर दिखते हैं - 1. भारत के भाषिक गुलाम और अंग्रेजी के अंध अनुचर हिंदी शब्दावली को कठिन कहकर इसे हास्य-व्यंग्य...



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