Thursday, May 27, 2021

पंडित नेहरू

 अध्यात्म, संस्कृति, संस्कार, ज्ञान की भाव भूमि भारतवर्ष जो पिछले २०० सालों से अधिक की औपनिवेशिक शासन व्यवस्था से अपना सब कुछ भूल-सा गया था, उसे स्वाधीन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में दिशा देने वाले वो भी तब जब बंटवारे के दंश से उपजे पाकिस्तानी जहर से देश कराह रहा था, गरीबी, अशिक्षा, विकराल स्थिति में थी,   इन विपरीत परिस्थितियों में देश को प्रगति पथ पर ले जाने वाले, सशक्त आधुनिक भारत के निर्माता पंडित जवाहर लाल नेहरू को उनकी पुण्य तिथि पर शत-शत नमन ! 


सादर

©डॉ साकेत सहाय


No comments:

संस्कृत, संस्कार, समाज और राज

 संस्कृत, संस्कार, समाज और राज  प्रस्तुत कथा मूलतः शक्ति, नेतृत्व, उकसावे और राजनीतिक बुद्धिमत्ता के बीच अंतर को रेखांकित करती है।  इस कथा क...