जो अपनी
सोच से, ताक़त से
पद से, पैसा से, झूठ से,
जुगाड़ से
संसार 🌍 चलाना चाहते थे
वे सब हो गये खाक
क्योंकि दुनियां में
नाम उन्ही का अमर है
जो हैं मर्यादा, अनुशासन नैतिकता, निष्ठा, ज्ञान, सहजता-सरलता की प्रतिमूर्ति
प्रभु श्रीराम 🙏
हिंदी विश्व में भारतीय अस्मिता की पहचान है। हिंदी भारत की राजभाषा,राष्ट्रभाषा से आगे विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है।
विश्व पुस्तक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! बधाई! साहित्य और लोक व्यवहार जीवन को जानने का सबसे बड़ा जरिया है । यह जीवन का कटु यथार्थ है कि हम ...
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