Saturday, July 27, 2024

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला : कला और भाव के सशक्त हस्ताक्षर

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला : कला और भाव के सशक्त हस्ताक्षर













इसी शीर्षक से मेरा आलेख बिहार सरकार, राजभाषा विभाग की  भाषा-साहित्य-संस्कृति की हिंदी त्रैमासिकी  'राजभाषा' के अंक : ४, वर्ष: ३७ जनवरी-मार्च, २०२४ में प्रकाशित हुआ है। आप सभी पढ़कर विचार देंगे।  

महान साहित्यकार निराला जी को समर्पित इस संग्रहणीय अंक को प्रकाशित करने हेतु राजभाषा विभाग, बिहार सरकार का आभार। 

 विस्तार से आप इसे मेरे ब्लॉग पर भी पढ़ सकते हैं -

#साकेत_विचार

No comments:

विश्व पुस्तक दिवस पर विचार

 विश्व पुस्तक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! बधाई! साहित्य और लोक व्यवहार जीवन को जानने का सबसे बड़ा जरिया है । यह जीवन का कटु यथार्थ है कि हम ...